उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UPTET) प्राइमरी स्तर के नतीजे जारी कर दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड की ओर से से मंगलवार रात को परीक्षा के नतीजे जारी किए गए थे, हालांकि बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा का लिंक जनरेट नहीं हुआ है. लिंक जनरेट होने के बाद परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upbasiceduboard.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकेंगे.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए गए हैं और 5 दिसंबर से उम्मीदवार अपने रिजल्ट देख सकेंगे. रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा में 33 फीसदी उम्मीदवार पास हुए हैं. इसमें 366285 उम्मीदवार पास हुए हैं, जबकि इस परीक्षा में करीब 11 लाख उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था.
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बता दें कि बोर्ड ने 18 नवंबर को दो शिफ्ट में इस परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें करीब 16 लाख उम्मीदवार शामिल थे. यह परीक्षा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर को लेकर हुई थी, जिसमें 11 लाख उम्मीदवार प्राथमिक स्तर के थे. बताया जा रहा है कि इस पिछले साल के मुकाबले पास होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में इजाफा हुआ है.
बताया जा रहा है कि लिंक एक्टिवेट होने के बाद उम्मीदवार 7 जनवरी तक अपना रिजल्ट देख सकेंगे. अगर आप भी अपना रिजल्ट देखना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.
इस बीच, जयललिता और एमजीआर के बीच मतभेद की खबरें भी आईं, लेकिन जयललिता ने 1984 में पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया. 1987 में रामचंद्रन की मृत्यु के बाद अन्नाद्रमुक दो टुकड़ों में बंट गई. एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन और जयललिता दोनों के पक्ष मेंसमर्थक-कार्यकर्ता बंट चुके थे. 1988 में जानकी के 21 दिन तक मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग गया. वहीं, अगले चुनाव में हार के बाद जानकी ने इस्तीफा दे दिया और जयललिता को आगे आने का मौका मिला.
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जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद जयललिता पहली बार साल 1991 में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. कई हार और जीत के सफर के साथ उन्होंने पांच बार प्रदेश की कमान संभाली. आय से अधिक संपत्ति रखने के लिए जयललिता पर केस चला जिसमें वो दोषी भी पाई गईं. आखिरकार27 सितंबर 2014 को बेंगलुरु की एक अदालत ने जयललिता को चार साल कैद की सजा सुनाई गई.
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